"दिल" ये दिल कितना कुछ कहना चाहता है पर हम चाह कर भी कई बार इस दिल की बात नहीं सुन पाते ज़्यादातर हमारा दिमाग इस बेचारे दिल पर हावी रहता है और इस इंद्रधनुष के जो रंग कैनवस पर नहीं उतर वे अधूरे विचार वे बातें मस्तिष्क में उथल पुथल मचाते हैं पर बहार नहीं आ पाते.... ऐसी ही बाते जो हम सब करना चाहते हैं पर कर नहीं पाते... तो आइये हम सब मिलकर बाँटें अपने दिल का दर्द और कुछ अधूरी बातें.....